गीदम की बेटी बांट रही है गांव में ज्ञान

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बस्तर से ब्यूरो चीफ चंद्रकांत सिंह क्षत्रिय की खास रिपोर्ट

दन्तेवाड़ा। जिले के गीदम की एक बेटी इन दिनों गांव में बच्चों को ज्ञान बांट रही है। गीदम की बेटी पर ग्रामीण आदिवासियों को गर्व है । गीदम बस्तर का वह इलाका है जहां न तो स्मार्ट मोबाइल मिलते हैं और ना ही नेटवर्क। ऐसे में गीदम के बच्चों को कोराना काल में ज्ञान बांटने का काम कर रही है सुनीता बेक। सुनीता बेक गीदम की ही बेटी है। जो ग्रामीण आदिवासियों के बच्चों को लगातार नई नई चीजों का प्रशिक्षण दे रही है।

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आदिवासी बच्चों का भविष्य संवार रही सुनीता

कोरोना महामारी की वजह से आज समस्त शैक्षणिक संस्थान बंद है। बच्चे स्कूल नही जा रहे पर पढ़ाई बन्द नही हुई क्योंकि ’’पढ़ई तुंहर दुआर’’ योजना के तहत् पढ़ाई की सुविधा बच्चों तक पहुँच रही है। दंतेवाड़ा क्षेत्र मे जहाँ न तो नेटवर्क है और न ही उस स्थान में पालकों के पास स्मार्टफोन की उपलब्धता है, यह समस्या ग्रामीण इलाकों में है जिस कारण ऑनलाइन क्लास के द्वारा बच्चों को जोड़ पाना मुश्किल हो रहा था। तब गाँव के कुछ युवा पीढ़ी ने मोहल्ला क्लास लेकर बच्चो की शिक्षा निरंतर जारी रखने की बीड़ा उठाई। शा. उ. मा. विद्यालय गीदम स्कूल में पढ़ी होनहार छात्रा सुनीता वेक को शिक्षा सारथी के रूप में चयनित किया गया। सुनीता वेक ने कक्षा 12वीं की परीक्षा कृषि संकाय से उतीर्ण की है। स्वभाव से काफी सरल व अंतर्मुखी है फिर भी गुड्डी पारा गीदम गाँव की बेटी होने के दायित्व का निर्वहन करते हुए शिक्षा सारथी के रूप में पढ़ाई की मशाल से गाँव को रौशन कर रही है। गर्व है ऐसी बेटियों पर जो स्वयं आगे बढ़कर इस कोरोना काल में विद्या दान का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है व सभी की प्रेरणास्रोत बन रही है।

17 बच्चों की प्रतिदिन लेती हैं क्लास

सुनीता वेक को पढ़ना व पढ़ाना बहुत पसंद है। यही वजह के भविष्य में वो शिक्षक बनना चाहती है। सुनीता के द्वारा 10 जुलाई से ही मोहल्ला क्लास लेना प्रारम्भ कर दिया था। वह मोहल्ले के 17 बच्चों की प्रतिदिन क्लास लेती है। सुनीता वेक क्लास में बच्चों को सभी विषय पढा रही है। इसके अलावा बच्चों में रचनात्मक कौशल के विकास के लिए बच्चों को गुलदस्ता बनाना, मिट्टी के खिलौने, कागज के फूल आदि सीखा रही है। बच्चें भी प्रतिदिन आते है उत्साहवश की आज कुछ नया सीखने को मिलेगा। इनके द्वारा कोरोना रोकथाम के अभी नियमो का पालन करवाते हुए सोशल डिस्टेंसिग, सेनिटाइजर व मास्क का इस्तेमाल करते है। कोरोना से बचाव के लिए इन्हें जागरूक भी किया जा रहा जिसके तहत हैंडवाश डे का आयोजन भी किया गया, जिसका शिक्षक बनना ही लक्ष्य हो उसे विद्यार्थी जीवन में ही पढ़ाने का सुअवसर प्राप्त हो निश्चय ही सबके लिए ये गर्व की बात है। जिला शिक्षा अधिकारी राजेश कर्मा, सहायक संचालक अहिल्या ठाकुर, जिला मिशन समन्वयक श्याम लाल शोरी, जिला नोडल अधिकारी केशव सिंह, ढलेश आर्य, जिला मीडिया प्रभारी राजेंद्र पांडे ने सुनीता वेक को बधाई एवम शुभकामनाए प्रेषित किए है।