जांजगीर चाँपा में चिटफंड कंपनियों के पेट में जनता के 10 हजार करोड़ रुपए, सांसत में 1लाख 5 एजेंट्स की जान, उतरे सड़क परg

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जांजगीर चांपा से ब्यूरो चीफ दीपक कुमार यादव की रिपोर्ट

जांजगीर चाँपा। छत्तीसगढ़ के गरीब किसान मजदूर के 10000 करोड रुपए तथाकथित चिटफंड कंपनियों में फंसे हुए हैंं। पैसे वापसी के लिए छत्तीसगढ़ अभिकर्ता उपभोक्ता सेवा संघ के द्वारा सन 2015 से लगातार आवेदन ज्ञापन धरना प्रदर्शन जेल भरो आंदोलन किया जा रहा है। शासन – प्रशासन को एक लाख 5000 अभिकर्ता व बीस लाख निवेशक परिवारों की ओर से संगठन इस समस्या से लगातार शासन प्रशासन को अवगत कराता रहा है । विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस ने अपने जन घोषणा पत्र क्रमांक 34 के अनुसार कंपनी में फंसे निवेशक अभिकर्ता को भरोसा दिलाया था।

कांग्रेस ने चुनावी घोषणा पत्र में किया था वादा

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने पर निवेशकों का पैसा वापस दिलाया जाएगा। उस पर विश्वास करते हुए 105000 एजेंट बीस लाख निवेशक परिवार ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनाने में सहयोग किया। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बने 2 वर्ष बीतने जा रहे हैं लेकिन आज दिनांक तक किसी भी निवेशक का पैसा वापस नहीं हुआ है। एजेंटों के ऊपर हो रही कानूनी कार्रवाई पर रोक लगाने का भरोसा दिया गया था । छत्तीसगढ़ में संचालित सभी कंपनी के डायरेक्टरों के ऊपर उचित कार्यवाही कर उनकी संपत्ति कुर्क कर निवेशकों का पैसा वापस करने के लिए चुनाव पूर्व आश्वासन दिया गया था। किंतु आज तक किसी भी कंपनी के संपत्ति कुर्क हुआ ना निवेशकों का पैसा वापस मिला । ना ही कार्यकर्ताओं के ऊपर कारवाई रुकी । इसी मांग को लेकर आज छत्तीसगढ़ अभिकर्ता एवं उपभोक्ता सेवा संघ के द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करके अपनी मांगों को लेकर धरने में रहे अभिकर्ता उपभोक्ता के सेवा संघ ने कहा कि आगे हमारी मांगे पूरी नहीं होती है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।